मार्च माह के आगमन के साथ ही मानो मेरे लिए पर्व माह की शुरुवात हो जाती है । आज एक मार्च को मेरी छोटी बिटिया यानी मेरे बेटे " कनक " का जन्मदिन होता है । एक नटखट सा जल्दी ही सबमें घुलमिल जाने वाला व्यक्तित्व , अपने माता-पिता के अलावा सबकी आँखों का तारा , सबका प्यारा है । मंच सञ्चालन , प्रस्तुति के लिए कनक कभी भी तैयार रहती है । तीन मार्च को मेरे छोटे भाई विपुल का जन्मदिन है । प्रोफ़ेसर साहब छोटे होने के कारण हमारी पीढ़ी के लाडले हैं । सत्तरह मार्च को मेरी बड़ी बिटिया वंशिका का जन्मदिन है । बांसुरी का तात्पर्य रकने वाले नाम उच्चारण की वंशिका का कला में कोई सानी नहीं है । कम उम्र में उम्दा कला की साधना को पाने का उसका सफल प्रयास है । गणेश जी की मिटटी की प्रतिमा बनाना सीख कर “वंश” ने दूसरों को भी सिखाना प्रारंभ किया । वैसे कहते हैं की मार्च में जन्म...