शिवसेना का एक टीवी चैनल पर हमला। निंदनीय , शर्मनाक , है..आइबिएन -लोकमत पर हमला कर दूसरी बार निकिल वागले को टार्गेट किया है..शिवसेना अपना विरोध अपने अखबार सामना में भी दर्शा सकती थी..लकिन सायद यह इलेक्शन के बाद की भोख्लाहत है..अब तो यह साबित हो गया है की मराठी मानुस- मराठी अस्मिता के लिए नही शिवसेना तो सिर्फ़ अपने लिए जीती है..दूसरी बात आइबिएन-लोकमत.. के लिए सारे पत्रकार सडको पर उतर रहे है..लकिन क्या एस समूह का कोई भी सदयस्य इन दुनिया भर के समर्थको के भावना की kadra करेगा... shaayad नही..बिल्कुल नही...?????? आप देखना चाहते है तो देख लेना २२ नोव. को शिवसेना के बड़े नेता और जलगाँव के शिवसेना विधायक श्री सुरेश जैन का जन्मदिन है..और २२ नोव. को जलगाँव लोकमत में विज्ञापनो का हाल ही यह साबित कर देगा...खैर.. इस हमले की खुल कर निंदा करनी चाहिए..महारास्त्र सरकार की ख़ामोशी ही ऐसे लोगो को बढ़ावा दे रही है॥ शुभकामना..
येवती गांव में मनाई जाती है दिवाली-भाई दूज एक साथ
जलगाँव – ( विपुल पंजाबी ) पूरे देश में दिपावली व भाईदूज का पर्व समाप्त होने के बाद जलगाँव जिले के बोदवड तहसील के येवती गांव में दीपावली व भाईदूज पर्व मनाया जाता है । आज शुक्रवार 1 नवम्बर को येवाती गाँव में दिवाली के साथ भाई दूज पर्व मनाया जा रहा है। दिवाली के बाद आनेवाली पंचमी को येवती गांव के लोग दिवाली व भाईदूज एकसाथ मनाते है। बोदवड तहसील के इस येवती गांव में दीपावली के अवसर पर त्यौहार न मनाते हुए बाद में दीपावली व भाईदूज एकसाथ मनाए जाने की लगभग ४०० साल पुरानी परंपरा है। इन्ही परंपराओं के अंतर्गत पुरे देश में भाईदूज मनाई जाती है, तब बोदवड का येवती गांव त्यौहार से दूर रहता है । येवती गांव में इन परंपराओं का निर्वाह करते हुए अंबऋषी के मंदिर को आस्था का केंद्र रखा जाता है। महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि भारत वर्ष में ऐसी परंपराओं का निर्वाह करने वाला यह एक मात्र मंदिर है । येवती गांव में इन परंपराओं का निर्वाह करते हुये विगत भाईदूज नहीं मनाई गई । पौराणिक कथाओं के आधार पर बोदवड तहसील के येवती गांव में प्राचीन काल के अंब ऋषि द्वारा स्थापित की गयी दीपावली को ही महत्व दिया जाता है। ऐस...
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें